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‘तांडव’ की टीम को नहीं मिली सुप्रीम कोर्ट से राहत, गिरफ्तारी से बचाने की याचिका की खारिज

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वेब सीरीज ‘तांडव’ के निर्माता, लेखक और अभिनेता को सुप्रीम कोर्ट से आज कोई राहत नहीं मिली. उनके खिलाफ देशभर में दर्ज FIR पर अंतरिम सरंक्षण देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है और कहा है कि राहत के लिए हाईकोर्ट जाएं.

वेब सीरीज ‘तांडव’ के निर्माता, लेखक और अभिनेता को सुप्रीम कोर्ट से आज कोई राहत नहीं मिली. उनके खिलाफ देशभर में दर्ज FIR पर अंतरिम सरंक्षण देने से कोर्ट ने इनकार कर दिया है और कहा है कि राहत के लिए हाईकोर्ट जाएं. सुप्रीम कोर्ट ने  सभी FIR को आपस में जोड़ने को लेकर नोटिस जारी किया. इस मामले पर 4 हफ्ते बाद अगली सुनवाई होगी. 

कई राज्यों में दर्ज हुए हैं मुकदमें

बता दें कि निर्देशक अली अब्बास द्वारा निर्देशित वेब सीरीज ‘तांडव’ को लेकर कई राज्यों में दर्ज मुकदमों के बाद ‘तांडव’ की टीम ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है. टीम ने उनके खिलाफ हुई एफआईआर को रद्द करने का आग्रह किया है. अमेजन प्राइम इंडिया की प्रमुख अपर्णा पुरोहित, निर्माता हिमांशु कृष्ण मेहरा, सीरीज के लेखक गौरव सोलंकी और एक्टर जीशान अयूब ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है .

जानें क्या है मामला

यह याचिका में उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, कर्नाटक और महाराष्ट्र में की गई एफआईआर के खिलाफ की गई है. इसमें देश के अलग-अलग राज्यों में दर्ज की गई एफआईआर को रद्द करने की मांग की गई है. ओटीटी प्लेटफॉर्म अमेजन प्राइम वीडियो पर 16 जनवरी को वेब सीरीज ‘तांडव’ रिलीज हुई थी. इसके बाद से लगातार यह विवादों में बनी हुई है. निर्माताओं पर आरोप है कि सीरीजज के माध्यम से उन्होंने समुदाय विशेष की धार्मिक भावनाओं को आहत किया है.

अमेज़ॉन प्राइम (Amazon Prime) की वेब सीरीज़ ‘तांडव’ (Web Series Tandava) को लेकर उठे विवाद के बाद इसके निर्माता बैकफुट पर हैं. इस उठे विवादों को बाद इस वेब सीरीज के निर्माताओं ने शो में बदलाव करने का निर्णय लिया है. गौरतलब है कि इस मामले में लखनऊ और मुंबई में FIR दर्ज हुई हैं. इनमें इस वेब सीरीज़ पर सामाजिक द्वेष और अशांति फैलने का आरोप लगाया गया है. 15 जनवरी को अमेज़ान प्राइम पर रिलीज़ हुई सैफ़ अली खान की वेब सीरीज़ ‘तांडव‘ को लेकर 17 जनवरी को अमेज़ान प्राइम की इंडिया हेड के अलावा फ़िल्म के निर्माता और निर्देशक सहित पांच लोगों के ख़िलाफ़ एफ़आईआर दर्ज कराई गई है. यह FIR लखनऊ के एक सब इन्स्पेक्टर ने अपने ही थाने में दर्ज कराई. इस एफआईआर में हिंदू देवी-देवताओं का मज़ाक़ उड़ाने और लोगों की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है.