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कोलकाता: चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक आज; कोरोना के हालातों पर होगी चर्चा, पांचवें चरण के लिए कल डाले जाएंगे वोट

कोलकाता: चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक आज; कोरोना के हालातों पर होगी चर्चा, पांचवें चरण के लिए कल डाले जाएंगे वोट
कोलकाता: चुनाव आयोग की सर्वदलीय बैठक आज; कोरोना के हालातों पर होगी चर्चा, पांचवें चरण के लिए कल डाले जाएंगे वोट
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देश में कोरोना की नई लहर के कहर के बीच आज चुनाव आयोग (EC) ने कोलकाता में सभी राजनीतिक दलों की एक अहम बैठक बुलाई है। जिसका साफ मकसद बंगाल में चुनाव प्रचार के दौरान रैलियों और रोड शो में कोरोना नियमों के पालन को गंभीरता से सुनिश्चत कराना है। आपको बता दें, कोलकाता हाई कोर्ट की खिंचाई के बाद बंगाल में कोविड-19 नियमों के पालन को लेकर अब चुनाव आयोग हरकत में आया है और गंभीरता दिखाते हुए तत्काल ये अहम बैठक बुलाई है।

अब तक बंगाल में 8 चरणों में से 4 चरणों में चुनाव समाप्त हो चुके हैं और 5वें चरण के लिए चुनाव प्रचार का शोर भी थम चुका है। अब देश में कोरोना के मामलों में रिकॉर्ड उछाल के बाद ममता बनर्जी ने बंगाल में बाकी बचे हुए चुनावों को एक साथ करवाने की मांग की है

हालांकि चुनाव आयोग ने बंगाल चुनाव के कार्यक्रमों में किसी तरह के फेरबदल से इनकार किया है। ममता बनर्जी की कोरोना के बहाने बाकी चुनाव एक साथ करवाने की मांग पर बीजेपी ने पलटवार किया है। बीजेपी बंगाल के अध्यक्ष दिलीप घोष ने ममता पर निशाना साधते हुए कहा है कि ‘जिन्हें लगता है कि वो चुनाव हार रहे हैं वो चुनाव को जल्दी खत्म करना चाहते हैं। अब तक बंगाल में 4 चरणों में चुनाव हो चुके हैं लेकिन पहले ममता दीदी को कोरोना की याद नहीं आई।’

इससे पहले ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने राज्य में बढ़ते कोरोना मामलों के लिए बीजेपी को जिम्मेदार ठहराया था। उन्होंने कहा था कि, कोरोना के बढ़ते मामलों के लिए बीजेपी और बाहरी जिम्मेदार हैं। 

बंगाल में कोरोना का कहर

पश्चिम बंगाल में पिछले 24 घंटे में कोरोना के 6769 नए मामले सामने आए हैं और 24 लोगों की मौत हो गई है। बंगाल में कोरोना से मौत का आंकड़ा 10 हजार 480 तक पहुंच चुका है।

आज चुनाव आयोग (Election Commission of India) की सर्वदलीय बैठक के बाद चुनाव प्रचार को लेकर नई गाइडलाइंस जारी हो सकती है। इसमें कोई दो राय नहीं है कि देश में कोरोना की नई लहर बेहद खतरनाक है और अगर चुनावी रैलियों में कोविड नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित नहीं किया गया तो हालात और भयावह हो सकते हैं।