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Agnipath Row: बिहार में ‘अग्निपथ’ पर बवाल जारी, रेलवे की 700 करोड़ की संपत्ति स्वाहा

अग्निपथ योजना पर खत्म नहीं हुआ विरोध, प्रदर्शन के चलते 369 ट्रेनें हुई रद्द
अग्निपथ योजना पर खत्म नहीं हुआ विरोध, प्रदर्शन के चलते 369 ट्रेनें हुई रद्द
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Agnipath Row: प्रदर्शनकारियों ने इन चार दिनों में 60 ट्रेन की बोगियों के साथ 11 इंजन को आग के हवाले किया है. शनिवार को पटना से कुछ ही दूरी तारेगना में जीआरपी की चौकी के आगे गाड़ियों को प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया था.

मोदी सरकार की ‘अग्निपथ योजना’ को लेकर देश के कई हिस्सों में हंगामा हो रहा है. इसकी चिंगारी सबसे ज्यादा बिहार में भड़की है. यहां रेलवे स्टेशन हो या बाजार, चारों तरफ हुड़दंग और बवाल जारी है. पिछले चार दिनों से चल रहे इस उपद्रव में रेल महकमे को तगड़ी चोट लगी है. अब तक रेलवे की 700 करोड़ की संपत्ति खाक हो चुकी है. उपद्रवियों ने प्रदेश के 15 जिलों में उत्पात मचाया है.

इन चार दिनों में 60 ट्रेन की बोगियों के साथ 11 इंजन को आग के हवाले किया गया है. शनिवार को पटना से कुछ ही दूरी तारेगना में जीआरपी की चौकी के आगे गाड़ियों को प्रदर्शनकारियों ने फूंक दिया. स्टेशन में भी आग लगा दी. शुक्रवार को विरोध की आग में अकेले दानापुर रेल मंडल में 225 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ. दानापुर में पार्सल की दो दर्जन से अधिक गाड़ियों को खाक कर दिया था.  

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक, एक जनरल बोगी को तैयार करने में करीब 80 लाख रुपये खर्च आता है. सवा करोड़ में एक स्लीपर कोच तैयार होता है और साढ़े तीन करोड़ में एक एसी की बोगी बनती है. सरकार को एक रेल का इंजन तैयार करने में बीस करोड़ से ज्यादा खर्च और मानव संसाधन झोंकना पड़ता है. 12 कोच वाली पैसेंजर ट्रेन चालीस करोड़ से ज्यादा में तैयार होती है और 24 कोच वाली ट्रेन को बनाने में 70 करोड़ से ज्यादा खर्च होता है. 110 करोड़ रुपये से ज्यादा में राजधानी और वंदे भारत जैसी ट्रेनों का निर्माण होता है.

पूर्व मध्य रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी वीरेंद्र कुमार ने बताया कि अभी तक 700 करोड़ से ज्यादा का नुकसान हुआ है. प्रदर्शनकारियों ने पांच ट्रेनों की 60 बोगियों के साथ 11 इंजन को आग के हवाले कर दिया. रेलवे पूरी रिपोर्ट तैयार कर रहा है. इतने पैसों में एक दर्जन नई ट्रेनें आ जातीं, लेकिन अग्निवीरों को कौन समझाए. इसके अलावा ट्रैक बाधित होने के साथ ट्रेन कैंसिल होने से रेल को करोड़ों का नुकसान हुआ है.