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  • हेमंत सोरेन ने रविवार दोपहर 2 बजे ली थी सीएम पद की शपथ
  • बैठक के बाद कैबिनेट सचिव करेंगे प्रेस ब्रीफिंग, देंगे जानकारी
  • राहुल गांधी, ममता बनर्जी ने शपथग्रहण समारोह में की शिरकत

झारखंड के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद हेमंत सोरेन एक्शन मोड में आ गए हैं. झारखंड मुक्ति मोर्चा के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन ने रविवार दोपहर दो बजे झारखंड के 11वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली और महज तीन घंटे में कैबिनेट की अहम बैठक बुला ली.

हेमंत सोरेन कैबिनेट की अहम बैठक आज शाम 5 बजे बुलाई गई है. राज्यपाल द्रोपदी मुर्मू ने हेमंत सोरेन को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई है. हेमंत सोरेन कैबिनेट की इस बैठक के बाद पहले की तरह कैबिनेट सचिव प्रेस ब्रीफिंग करेंगे और कैबिनेट बैठक में लिए गए फैसले की जानकारी देंगे.

 

 

हेमंत सोरेन के शपथग्रहण समारोह का आयोजन रांची के मोरहाबादी मैदान किया गया. इस दौरान कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी, शरद यादव, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, आरजेडी नेता तेजस्वी यादव समेत अन्य दिग्गज मौजूद रहे. हेमंत सोरेन के शपथग्रहण समारोह में पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास भी पहुंचे.

इसके अलावा सीपीएम नेता सीताराम येचुरी, सीपीआई महासचिव डी. राजा, डीएमके प्रमुख एम. के. स्टालिन, आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह, राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी भी हेमंत सोरेन के शपथग्रहण समारोह में शामिल रहे.

 

 

आपको बता दें कि झारखंड विधानसभा चुनाव में झारखंड मुक्ति मोर्चा, कांग्रेस और आरजेडी गठबंधन ने जीत दर्ज की है. अर्जुन मुंडा के नेतृत्व वाली राज्य सरकार में उपमुख्यमंत्री रह चुके हेमंत सोरेन इससे पहले 2013 में राज्य के सबसे कम उम्र के मुख्यमंत्री बने थे और वो दिसंबर 2014 तक इस पद पर रहे थे. साल 2014 में झारखंड में बीजेपी की सरकार बन गई और हेमंत सोरेन नेता प्रतिपक्ष बने रहे.

हेमंत सोरेन के साथ कांग्रेस नेता आलमगीर आलम व रामेश्वर उरांव और आरजेडी नेता सत्यानंद भोक्ता ने मंत्री पद की शपथ ली. रामेश्वर उरांव प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष भी हैं.

दिल्ली विधानसभा चुनाव में अब कुछ ही वक्त बाकी है और आम आदमी पार्टी एक्शन मोड में है. दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने अपनी सरकार के 5 साल के कामों का लेखा जोखा देते हुए आज एक रिपोर्ट कार्ड जारी किया. इस रिपोर्ट कार्ड में पिछले 5 साल में केजरीवाल सरकार के दौरान किये गए मुख्य 10 कामों को केंद्रित किया गया.

 

सबसे पहले स्थान पर जिस काम को रिपोर्ट कार्ड में जगह मिली है वह है शिक्षा. शिक्षा पर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, "5 साल में दिल्ली सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में जो क्रांतिकारी परिवर्तन किए उसकी दुनिया भर में चर्चा हो रही है. हमने शिक्षा का बजट 3 गुना कर दिया. पहले ये बजट 6600 करोड़ रुपए का था जो हमारी सरकर ने बढ़ाकर 15,600 करोड़ कर दिया. 20 हज़ार नए क्लासरूम सरकारी स्कूलों में बनवाए गए. पहली बार सरकारी स्कूलों के नतीजे प्राइवेट स्कूलों से बेहतर आने लगे हैं. 2019 में 12वीं क्लास के 93% रिजल्ट की तुलना में सरकारी स्कूलों के रिज़ल्ट 96.2% रहे. इसके साथ ही 2015 के बाद ज़्यादातर प्राइवेट स्कूलों को फीस नहीं बढ़ाने दी."

 

 

 

शिक्षा के बाद स्वास्थ्य को केजरीवाल सरकार के रिपोर्ट कार्ड में दूसरे स्थान पर जगह मिली. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि "हमारी सरकार ने हर व्यक्ति के लिए अच्छे और फ्री इलाज का इंतजाम किया है. दिल्ली के सारे सरकारी अस्पतालों में गरीबों और अमीरों का इलाज फ्री कर दिया. स्वास्थ्य का बजट 3500 करोड़ से बढ़ाकर 7500 करोड़ कर दिया. स्वास्थ्य पर बजट का 13% खर्च करने वाला दिल्ली देश का अकेला राज्य है. 400 से ज़्यादा मोहल्ला क्लिनिक खोले गए और सरकारी अस्पताल का कायाकल्प कर दिया गया." डेंगू से निपटने का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली की जनता ने नई वैक्सीन निकाली है जिसका नाम है '10 हफ्ते 10 बजे 10 मिनट'.

 

बिजली के मुद्दे ओर बोलते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, "पूरे देश में दिल्ली अकेला शहर है जहां अब 24 घन्टे बिजली आती है. हर उपभोक्ता को 200 यूनिट तक बिजली मुफ्त मिलती है और 32 लाख उपभोक्ताओं के बिजली का बिल शून्य है." वहीं रिपोर्ट कार्ड में चौथे स्थान पर पानी का ज़िक्र किया गया है. पानी पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "हर घर को प्रतिमाह 20 हज़ार लीटर पानी फ्री मिलता है. 14 लाख से ज़्यादा घरों में पानी का बिल शून्य है. जब हमारी सरकार बनी थी तब केवल 58% कॉलोनी में नल से पानी आता था हमने आज 93% कॉलोनियों में नल से पानी पहुचा दिया है. इसके साथ ही 1554 कच्ची कॉलोनियों तक भी पीने का पानी हमने पहुंचा दिया है."

 

दिल्ली का बजट 31,000 करोड़ से बढ़कर 60,000 करोड़ हो गया- केजरीवाल

 

दिल्ली के बजट का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली का बजट 31,000 करोड़ से बढ़कर 60,000 करोड़ हो गया है. CAG जो कि केंद्र सरकार की संस्था है, उसका कहना है कि दिल्ली देश की अकेली सरकार है जो मुनाफे में चल रही है. दिल्ली में पूरे देश में सबसे ज़्यादा न्यूनतम मजदूरी मिल रही है.

 

महिला सुरक्षा के मुद्दे को भी रिपोर्ट कार्ड के जगह दी गई है. मुख्यमंत्री ने कहा कि, "महिला सुरक्षा के मद्देनजर हमने 2 लाख 80 हज़ार सीसीटीवी कैमरा लगाने का काम किया है. दिल्ली देश का अकेला शहर है जहां महिलाओं की यात्रा बस में फ्री कर दी गई है. पहले बसों में 30% महिलाएं सफर करती थीं अब 42% करती हैं. 2 लाख 10 हज़ार नई स्ट्रीट लाइट्स लगाई जा रही हैं."

 

8000 करोड़ की लागत से कच्ची कॉलोनियों में विकास कार्य किये- दिल्ली सीएम

 

सातवें नम्बर पर कच्ची कॉलोनियों का ज़िक्र रिपोर्ट कार्ड में किया गया है. मुख्यमंत्री ने बताया कि 8000 करोड़ की लागत से कच्ची कॉलोनियों में विकास कार्य किये गए हैं. 1797 कच्ची कॉलोनियों में से 1281 में सड़क निर्माण किया गया है और 1130 कच्ची कॉलोनियों में सीवर लाइन बिछा दी गई है. कच्ची कॉलोनियों पर पीएम नरेंद्र मोदी की रैली पर निशाना साधते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, "कच्ची कॉलोनी पर बात करना आसान है, काम करना नहीं. बात तो रामलीला मैदान से होती है. लेकिन हमारे लिए कच्ची कॉलोनी के लोग वोटबैंक नहीं हैं."

 

आठवें स्थान पर यातायात के बारे में बात करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा, "4300 नई बसें आने का सिलसिला शुरू हो गया. मेट्रो का रूट 173 किलोमीटर होता था वो 290 किलोमीटर हो गया है. ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भ्रष्टाचार खत्म किया है." रिपोर्ट कार्ड में नौवें स्थान पर सरकार की जन विकास से जुड़ी योजनाओं जैसे डोर स्टेप डिलीवरी, मुफ्त तीर्थयात्रा योजना और फ़रिश्ते योजना को जगह दी गई है. और सबसे आखिर में केजरीवाल सरकार को नए दौर की सरकार बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, "फ्री Wifi के हॉट स्पॉट लगने शुरू हो गए हैं. 6 महीने में 11000 हॉट स्पॉट लग जाएंगे. नीति आयोग ने हमारी सरकार को नंबर 1 सरकार माना है."

 

अपनी सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए अरविंद केजरीवाल ने दावा किया कि "मैं ठोक बजाकर कह सकता हूं कि आज़ादी के बाद की सबसे ईमानदार सरकार आम आदमी पार्टी की सरकार है." 26 दिसंबर से आम आदमी पार्टी के नेता, विधायक और वालिंटियर ये रिपोर्ट कार्ड लेकर घर घर तक जाएंगे. आम आदमी पार्टी का लक्ष्य है कि इसके जरिये 35 लाख घरों तक संपर्क साधा जाएगा.

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) पर हंगामे के बीच राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की घोषणा की गई है. एनपीआर अप्रैल और सितंबर 2020 के बीच असम को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा. यह जनगणना के साथ होगा.

 

मोदी कैबिनेट ने एनआरसी-सीएए के खिलाफ जारी भारी हंगामे के बीच आज राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को मंजूरी दी. विपक्षी पार्टियां सीएए और एनपीआर दोनों को एनआरसी से जोड़ रही है. इसके खिलाफ देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि एनआरसी को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं. अब एनआरसी-सीएए और एनपीआर तीनों ही मुद्दों पर गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

 

 

अमित शाह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा, ''मैं आज स्पष्ट कर दूं कि NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है.''

 

 

 

अमित शाह ने एनआरसी को लेकर कहा, ''पूरे भारत में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) पर बहस करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है. पीएम मोदी सही कह रहे हैं, इस पर अभी तक मंत्रिमंडल या संसद में कोई चर्चा नहीं हुई है.'' अमित शाह ने कहा, ''पार्टी के घोषणापत्र में एनआरसी है. जब एनआरसी आएगा तो छिपाकर नहीं आएगा. अभी एनआरसी पर काम नहीं हो रहा है.''

 

बता दें कि पीएम मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली में कहा था कि एनआरसी को लेकर कोई बात नहीं हुई है. हालांकि विपक्षी दलों ने अपनी प्रतिक्रिया में अमित शाह के पुराने बयानों का जिक्र किया जिसमें उन्होंने एनआरसी पूरे देश में लागू करने की बात कही थी.

 

 

 

गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कहा, ''किसी की भी नागरिकता लेने का प्रावधान नहीं है. यह नागरिकता देने का प्रावधान है. किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है.'' उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को विपक्ष डरा रहा है.

 

अमित शाह ने कहा कि मैंने दोनों सदन में कहा कि सीएए भारत के किसी भी नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है. सीएए के बाद कई जगह पर हिंसा हुई लेकिन जब लोगों तक पूरी जानकारी पहुंची तो वहां हिंसा नहीं हुई.

 

उन्होंने एनपीआर को लेकर कहा कि हमने इसके लिए एक एप बनाया है. इसमें किसी को भी कोई दस्तावेज नहीं देने की जरूरत है. आधार, मतदाता पहचान पत्र का नंबर देना होगा. 

 

गृह मंत्री ने कहा, ''मैं साफ-साफ कहूं कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है. खास तौर पर मुसलमान भाईयों को कहना चाहता हूं कि एनपीआर का एनआरसी से कोई संबंध नहीं है. एनपीआर डाटा का इस्तेमाल एनआरसी में नहीं किया जाएगा. एनपीआर डाटा से विकास का काम होगा. राज्य सरकार के अधिकारी ही एनपीआर का काम करेंगे.'' अमित शाह ने कहा, ''एनपीआर में किसी का नाम नहीं भी आया तो उससे उसकी नागरिकता नहीं जाएगी.''

 

आपको बता दें कि माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और असदुद्दीन ओवैसी ने एनपीआर और एनआरसी से जोड़ते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है. येचुरी ने कहा, ‘‘एनपीआर और एनआरसी एकसमान हैं. मोदी सरकार लोगों को गुमराह करने के लिये कितना झूठ बोलेगी. इस सरकार ने राज्यसभा में स्पष्ट रूप से कहा था कि एनपीआर मूल दस्तावेज होगा जिससे आधार पर एनआरसी का काम शुरु होगा.’’

 

सोशल मीडिया ,News पेपर और न्यूज़ चैनल पे कुछ दिनों से फिर से बलात्कार के मुद्दे पे गरमा गर्मी शुरू है और लोगों के अनदर गुस्सा ज्वाला मुखी जैसा फूट पड़ा है। डॉक्टर प्रियंका जिनके साथ 4 दरिंदों ने बलात्कार किया उनको फांसी दी जाए ऐसी हिंदुस्तान की आवाम मांगे कर रही है । शहरों और राज्यों में कैंडल मार्च निकाला जा रहा है।
बड़े शर्म की बात है ,ऐसे मानसिकता के लोग आज भी हमारे समाज में जिंदा हैं,अपनी माँ -बहन को इज़्ज़त अगर देते भी हैं तो दूसरे की मां बहन को हबस की निगाह से देखते हैं।हमारे देश में कैंसर जैसे लाइलाज़ बीमारी पर भी मानो तो विराम चिन्ह लग गया यह माना जा सकता ऐसा इसलिए लिख रहा हु की इसका इलाज है ,परंतु बढ़ते हुए बलात्कार में वृद्धि की दरें और तेजी से प्रगति पर है।
में आगे जो लिखने जा रहा उससे कई लोग मुझे गलत समझेंगे मगर मुझे इससे बात की आज फिक्र नही ,जो लिखना चाह रहा हूँ वो आज लिख देना चाहता । में देश के कानून और पुलिस को गलत ठहराना नही चाहता क्योंकि मुझपे देशद्रोही का आरोप लग जाये यह भी गंवारा नही।मगर सोंचने का विषय है या नही आप सब खुद फैसला करो।
हमारे देश में सरकार बनते ही करेंसी(रुपया) चेंज किया जा सकता है ,370 जैसी धारा को हटा सकते हैं। जो वर्षों से लागू था तो सरकार बलात्कार को नासूर ज़ख्म क्यों मानकर बैठी है । क्या बहन,बेटी मा के बलात्कार के बाद सिर्फ देश में गरमा गर्मी होगी या इसके लिए कोई मज़बूत क़दम उठाएगी सरकार। ऐसी जगह जहां भी महिलाएं वर्किंग में हैं , कॉलेज, स्कूल ,कोचिंग सेंटर, इत्यादि जगहों पे कड़ी पुलिस सुरक्षा प्रदान की जाए जिससे वो खुदको सुरक्षित मान लें और जैसे हम पुरुष बेफिक्र होकर कहीं भी आते जाते हैं वो भी रात - दिन में कोई फर्क न समझें और सुरक्षित होकर रहें। महिलाओं के सुरक्षा को लेकर अगर कानून में कोई बदलाव की आवश्यकता है तो अवश्य करें। सिर्फ जुमले बाज़ी से काम नही चलने वाला। "बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ" का नारा लगाने से क्या फायदा जब बेटियां सुरक्षित ही नही तो पढ़ लिखकर क्या करेंगी। देश में अगर सबसे ज़रूरी है तो आज महिलाओं के सुरक्षा का मुद्दा है।GST, ITR, GDP को लेकर जितना सरकार और मीडिया उथल पुथल दिखाती है ,बड़े बड़े प्रवक्ता आपस में इस मुद्दे पे वाद विवाद करते दिखते हैं तो उनको महिलाओं की सुरक्षा को लेकर माननीय प्रधानमंत्री जी से बात करनी चाहिए ,और देश के ज़िम्मेदार नागरिक होने का फर्ज हमसबको भी निभाना होगा। गंदी मानसिकता के ऐसे लोग जो खुदको मर्द कहते हैं और दूसरे के माँ, बहन एवं बेटियों को गंदी निगाह से देखते हैं और हवस का शिकार बनाते हैं उनको तो "सरे आम फांसी दी जाए"। बालात्कार की सजा सिर्फ मौत , यही कानून बने। निर्भया और डॉक्टर प्रियंका जैसे हज़ारों के साथ ऐसा हो चुका है पहले भी कुछ को सजा मिली और कुछ और भी सुख व चैन की ज़िंदगी जी रहे। आखिर ऐसा कबतक चलता रहेगा।बेटियां कबतक हवस का शिकार होती रहेंगी। बड़े अफसोस कि बात है कि बलात्कार के बाद अपने गुनाह को छुपाने के लिए ज़िंदा जला दिया जाता है।
हम सबको बेरोजगारी की समस्या से पहले महिलाओं की अस्मत ,इज़्ज़त और सुरक्षा के लिए लड़ना होगा । कैंडल मार्च करके और चक्का जाम से क्या मिलेगा। एक जुट होकर एक मुहिम चलाओ ,जैसे चुनाव को पर्व मानकर नेता चुनते हैं वैसे ही महिलाओं के लिए सुरक्षा का पुख़्ता इंतेज़ाम करवाना हमारा कर्तव्य है।

 

नई दिल्ली: 

हैदराबाद में एक डॉक्टर के साथ गैंगरेप और मर्डर मामले में पुलिस की लापरवाही की खबरों के बीच बेंगलुरु पुलिस कमिश्नर का दावा है कि किसी भी संकट के समय पुलिस कॉल करने पर 7 सेकेंड के अंदर रिस्पॉस दिया जाएगा. ANI न्यूज एजेंसी को दिए बयान पुलिस कमिश्नर भास्कर राव ने दावा करते हुए कहा, हम 100 फीसदी आपकी सुरक्षा का आश्वासन देते हैं. किसी भी कॉल को 7 सेकेंड के अंदर जवाब दिया जाएगा. हम इसके लिए एसएमएस भी भेजेंगे.  गौरतलब है कि तेलंगाना के रंगारेड्डी ज़िले में 26 साल की वेटनरी डॉक्टर से रेप और मर्डर केस में बड़ा खुलासा हुआ है. इस मामले की जांच कर रहे अधिकारी ने रिमांड रिपोर्ट बना ली है और NDTV के पास भी इस रिमांड रिपोर्ट की जानकारी है. रिमांड रिपोर्ट में जिन बातों का जिक्र किया गया है वो चौंकाने वाला है. रिपोर्ट के मुताबिक आरोपियों ने महिला डॉक्टर के रेप की साज़िश रची. उन्होंने शाम को ही डॉक्टर को स्कूटी पार्क करते देखा था. इसके बाद जानबूझकर स्कूटी को पंचर कर दिया. रेप के पहले आरोपियों ने शराब पी. इसके बाद मदद करने के बहाने से महिला को क़ाबू किया और गैंगरेप किया. गैंगरेप के बाद महिला बेहोश हो गई.  

...NDTV...

भारत निर्वाचन आयोग ने कर्नाटक राज्य में विधानसभा के लिए उपचुनाव-2019 के संदर्भ में एग्जिट पोल पर प्रतिबंध को लेकर 26.11.2019 को अधिसूचना संख्या 576/एग्जिट/2019/एसडीआर/वोल्यूम जारी की थी। सभी संबंधित के लिए अधिसूचना संलग्न है।

..PIB..

अगर आप बिहार पुलिस विभाग में नौकरी करना चाहते हैं तो आपके लिए अच्छी खबर है। दरअसल सेंट्रल सिलेक्शन बोर्ड ऑफ कांस्टेबल ने बिहार होम गार्ड  बटालियन में ड्राइवर कांस्टेबल के पदों के लिए 1700 से ज्यादा वैकेंसी निकाली है।

लंबे समय से नौकरी की तैयारी में जुटे या फिर सरकारी नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए ये सुनहरा मौका साबित हो सकता है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इसके लिए अप्लाई कर सकते हैं।

एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे गृहमंत्री अमित शाह से उद्योगपति राहुल बजाज ने कुछ तीखे सवाल किये. उन्होंने मॉब लिंचिंग और सांसद साध्वी प्रज्ञा के नाथूराम गोडसे को लेकर दिए बयान में उचित कार्रवाई ना किये जाने का ज़िक्र तो किया ही साथ ही ये भी कहा कि लोग 'आपसे' डरते हैं.

राहुल बजाज ने कहा, "'हमारे उद्योगपति दोस्तों में से कोई नहीं बोलेगा, मैं खुलेतौर पर इस बात को कहता हूं... एक माहौल तैयार करना होगा... जब यूपीए 2 सरकार सत्ता में थी, तो हम किसी की भी आलोचना कर सकते थे. आप अच्छा काम कर रहे हैं, उसके बाद भी, हम आपकी खुले तौर पर आलोचना करें इतना विश्वास नहीं है कि आप इसे पसंद करेंगे."

इसके साथ ही बजाज ने आर्थिक स्थिति को लेकर भी अपनी और अपने साथी उद्योगपतियों की चिंता का ज़िक्र किया.

इसके बाद राहुल बजाज की टिप्पणी का उत्तर देते हुए अमित शाह ने कहा कि किसी को भी किसी से डरने की आवश्यकता नहीं है और जैसा कि आप कह रहे हैं कि डर का एक ऐसा माहौल बना है तो हमें इस माहौल को बेहतर करने का प्रयास करना चाहिए. मैं इतना स्पष्ट तौर पर कहना चाहूंगा कि किसा को डरने की ज़रूरत नहीं और ना ही कोई डराना चाहता है.

..BBC.com..

 

शिव सेना नेता उद्धव ठाकरे का सपना सच होने पर, अब महाराष्ट्र विधानसभा ने भी उस पर मुहर लगा दी है|

मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने सदन में बहुमत साबित कर दिया. राजनीति के इस खेल में उन्होंने दो नए दोस्त हासिल किए तो एक पुराना विश्वस्त दोस्त खो भी दिया|

राजनीति ना केवल संभावनाओं का खेल है बल्कि बॉलीवुड के शंहशाह शाहरुख ख़ान के फिल्मी संवाद की तरह "हार कर जीतने वाले को बाज़ीगर कहते हैं" भी हैं|

अब आप उद्धव ठाकरे को 'बाजीगर' कहें, ' डार्क हॉर्स' कहें या फिर महाराष्ट्र का गौरव माने जाने वाले 'शिवाजी महाराज' से तुलना करने की कोशिश करें.

कुछ लोग इसे राजनीतिक चतुराई मानते हैं तो कुछ विश्वासघात, लेकिन इन सब उपमाओं और उदाहरणों से सच फिलहाल बदलने वाला नहीं लगता.

...BBC Report....

'सत्यमेव जयते' और 'मरजावां' के निर्देशन के बाद मिलाप झावेरी अपनी निर्देशित पांचवी फिल्म के साथ दस्तक देने के लिए तैयार हैं। 15 नवंबर को रिलीज हुई फिल्म 'मरजावां' को मिली जुली प्रतिक्रिया मिली है। बीते दिनों फिल्म की सक्सेस पार्टी के बाद अब मिलाप अपनी अगली फिल्म 'सत्यमेव जयते 2' में व्यस्त हो चुके हैं। फिल्म में जॉन अब्राहम और दिव्या खोसला कुमार मुख्य किरदार में हैं। यह एक कॉप ड्रामा फिल्म है जिसमें जबर्दस्त एक्शन होने की बात कही जा रही है। अब फिल्म के एक्शन और अहम जानकारी से जुड़ा मिलाप का एक बयान सामने आया है।अगले साल मार्च-अप्रैल में शुरू होगी शूटिंग
मिलाप ने बताया कि परिवार संग दुबई में छुट्टियों का आनंद उठाने के बाद वह अपनी अगली फिल्म 'सत्यमेव जयते 2' पर काम शुरू कर चुके हैं। उन्होंने बताया, 'फिल्म की स्क्रिप्ट तैयार है और एक्शन डिजाइन और संगीत पर काम चल रहा है। अगले साल मार्च-अप्रैल से हम फिल्म की शूटिंग शुरू कर देंगे। यह फिल्म 2 अक्टूबर 2020 को गांधी जयंती के मौके पर रिलीज होगी।'

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