BIHAR/JHARKHAND NEWS

नक्सल क्षेत्र के युवा भी अब बनेंगे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी, CM हेमंत का निर्देश- सहाय योजना से जोड़ें युवाओं को

नक्सल क्षेत्र के युवाओं को खेल से जोड़ें, पंचायत स्तर पर चुने जायेंगे बच्चे. मिलेंगे 3000 से 6000 रुपये स्कॉलरशिप
नक्सल क्षेत्र के युवाओं को खेल से जोड़ें, पंचायत स्तर पर चुने जायेंगे बच्चे. मिलेंगे 3000 से 6000 रुपये स्कॉलरशिप
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Ranchi News, Jharkhand News रांची : राज्य के नक्सल प्रभावित क्षेत्रों के युवाअों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर का खिलाड़ी बनाया जायेगा. उन्हें इस स्तर पर ले जाने के लिए सहाय योजना से जोड़ा जायेगा. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने इसके लिए निर्देश दिया है. उन्होंने कहा है कि ज्यादा से ज्यादा युवाअों को सहाय योजना से जोड़ें. उन्होंने खेल को बढ़ावा देने के लिए कहा है. मुख्यमंत्री के निर्देश पर जमीनी स्तर पर सरकार ने खेल के क्षेत्र में प्रतिभा को तलाशने और तराशने का काम शुरू कर दिया है.

खेल विभाग नक्सल प्रभावित क्षेत्र के युवाओं के लिए विशेष खेल योजना सहाय पर काम कर रहा है. इसमें 19 वर्ष से कम उम्र के युवाओं को जोड़ा जायेगा. योजना के तहत पंचायत स्तर से बच्चों को लेकर उन्हें प्रखंड एवं जिला स्तर तक खेलों के लिए तैयार किया जायेगा. उसके बाद वे अपनी प्रतिभा के अनुसार राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय फलक पर अपनी प्रतिभा दिखायेंगे. खेल और पुलिस विभाग के समन्वय से योजना को संचालित किया जायेगा. योजना का उद्देश्य खेल के माध्यम से लोगों और पुलिस के बीच की दूरी को कम करना भी है. साथ ही नक्सल प्रभावित क्षेत्र की प्रतिभा को एक पहचान देकर सकारात्मक जीवन की ओर प्रेरित करना है.

खेल संस्कृति को विकसित करने पर जोर

तोक्यो ओलिंपिक में हॉकी खिलाड़ी सलीमा टेटे और निक्की प्रधान तथा तीरंदाज दीपिका कुमारी ने अपनी प्रतिभा दिखायी है. यह महसूस किया गया है कि झारखंड में खेल प्रतिभा की कोई कमी नहीं है. केवल उन्हें सही प्रोत्साहन और मार्गदर्शन देने की जरूरत है. राज्य में खेल और खिलाड़ियों को प्रोत्साहन करने की विस्तृत योजना बनायी गयी है. इसके तहत राज्य में खेल संस्कृति को विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है.

ज्यादा से ज्यादा टूर्नामेंट करने पर जोर

सरकार की योजना में राष्ट्रीय व राज्यस्तरीय खेल संघों के साथ मिलकर ज्यादा से ज्यादा खेल टूर्नामेंट आयोजित करने पर भी काम हो रहा है. इस कड़ी में 16 अगस्त से जमशेदपुर में भारतीय महिला राष्ट्रीय टीम शिविर का आयोजन हो रहा है. शिविर में 20 जनवरी से 6 फरवरी 2022 तक होनेवाले एशियाई फुटबॉल कप की महिला खिलाड़ियों की तैयारी करायी जायेगी.

हर प्रखंड में नि:शुल्क डे बोर्डिंग सेंटर होगा

राज्य की नयी खेल नीति का ड्राफ्ट लगभग तैयार हो गया है. खेल नीति में पूरे राज्य में एक खेल संस्कृति को समाहित और विकसित पर जोर दिया जा रहा है. हर प्रखंड में एक निःशुल्क डे बोर्डिंग सेंटर होगा. इसके अलावा हर जिले में रेसिडेंशियल सेंटर होगा, जहां रहने, भोजन तथा प्रशिक्षण की पूरी व्यवस्था होगी.

तैयार हो रहे स्टेडियम

हॉकी को बढ़ावा देने के लिए खूंटी, सिमडेगा, गुमला सहित चार जिलों में स्टेडियम का निर्माण हो रहा है. फुटबॉल मैदान भी बन रहे हैं. पोटो हो खेल योजना के तहत हर पंचायत में एक खेल मैदान बनाने पर काम हो रहा है. स्कॉलरशिप योजना के तहत खिलाड़ियों को हर महीने 3000 से 6000 रुपये दिये जायेंगे.