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दिल्ली में 90 फीसदी से ज्यादा लोगों में पाई गई कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी

दिल्ली में 90 फीसदी से ज्यादा लोगों में पाई गई कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी
दिल्ली में 90 फीसदी से ज्यादा लोगों में पाई गई कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी
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बताया जा रहा है कि दिल्ली के हर जिले में सीरो पॉजिटिविटी रेट 85 फीसदी से अधिक पाई गई है. पुरुषों की तुलना में सीरो पॉजिटिव महिलाओं की संख्या ज्यादा है.

दिल्ली में किए गए छठे सीरो सर्वे (Sero Survey) में 90 फीसदी से ज्यादा लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडी (Antibodies) पाई गई हैं. बुधवार को सरकार को सौंपी गई एक रिपोर्ट में यह बात सामने आई है. वहीं बताया जा रहा है कि दिल्ली के हर जिले में सीरो पॉजिटिविटी रेट 85 फीसदी से अधिक पाई गई है. पुरुषों की तुलना में सीरो पॉजिटिव महिलाओं की संख्या ज्यादा है. बता दें कि दिल्ली में कोरोना की चौथी और सबसे खतरनाक लहर के बाद यह पहला सीरो सर्वे किया गया था. इसी साल जनवरी में किए गए पांचवें सीरो सर्वे में 56.13 फीसदी लोगों में ही एंटीबॉडी पाई गई थी. 24 सितंबर को दिल्ली में छठा सीरो सर्वे शुरू किया गया था. जिसमें एक हफ्ते तक पूरी दिल्ली के 280 वार्डों से करीब 28 हज़ार सैंपल कलेक्ट किए गए थे.

गौरतलब है कि इसी वर्ष अप्रैल और मई महीने में कोरोना ने दिल्ली में कहर मचाया था. तब अस्पतालों में मरीजों का सैलाब देखने को मिला था. इतना ही नहीं, ऑक्सीजन और बेड की कमी के चलते भी कई लोगों की जान भी चली गई थी. जिसके बाद सरकार ने फिर से लॉकडाउन लगाने की घोषणा की थी.

सीरो सर्वे रिपोर्ट के बारे में कुछ बातें ध्यान देने वाली हैं

  1. इतने ज्यादा लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज मिलने का मतलब केवल यह नहीं है कि ये वायरस के संपर्क में आकर पॉजिटिव हुए होंगे, यह भी संभावना है कि वैक्सीन लगने के चलते भी लोगों में कोरोना के खिलाफ एंटीबॉडीज मिल रही होगी तभी आंकड़ा यहां तक पहुंचा है

26 अक्टूबर तक दिल्ली में कुल 2,02,01,316 वैक्सीन डोज़ लगी हैं

पहली डोज़ 1,29,49,465 लगी हैं यानी (86.32%) और दोनों डोज़ 72,51,851 यानी (48.34%) को लगी हैं

  1. इतनी बड़ी संख्या में कोरोना विरोधी एंटीबॉडीज मिलने का मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि अब दिल्ली के लोग कोरोना से लगभग सुरक्षित हो चुके हैं।

जनवरी में दिल्ली में जो पांचवा सीरो सर्वे हुआ था उसमे 56% से ज्यादा लोगों में कोरोना के ख़िलाफ़ एंटीबॉडीज मिली थी लेकिन अप्रैल के महीने में जब कथित दूसरी लहर आई तो दिल्ली में हाहाकार मच गया था.