BREAKING NEWS
गृह मंत्री अमित शाह बोले- NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है गृह मंत्री अमित शाह बोले- NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है गृह मंत्री अमित शाह बोले- NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है

गृह मंत्री अमित शाह बोले- NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है Featured

नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) और राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर (एनआरसी) पर हंगामे के बीच राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) की घोषणा की गई है. एनपीआर अप्रैल और सितंबर 2020 के बीच असम को छोड़कर देश के अन्य सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू होगा. यह जनगणना के साथ होगा.

 

मोदी कैबिनेट ने एनआरसी-सीएए के खिलाफ जारी भारी हंगामे के बीच आज राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) को मंजूरी दी. विपक्षी पार्टियां सीएए और एनपीआर दोनों को एनआरसी से जोड़ रही है. इसके खिलाफ देश भर में प्रदर्शन हो रहे हैं. वहीं केंद्र सरकार का कहना है कि एनआरसी को लेकर कोई कदम नहीं उठाए गए हैं. अब एनआरसी-सीएए और एनपीआर तीनों ही मुद्दों पर गृहमंत्री अमित शाह ने अपनी प्रतिक्रिया दी है.

 

 

अमित शाह ने न्यूज़ एजेंसी एएनआई को दिए इंटरव्यू में कहा कि NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है. उन्होंने कहा, ''मैं आज स्पष्ट कर दूं कि NPR और NRC के बीच कोई संबंध नहीं है.''

 

 

 

अमित शाह ने एनआरसी को लेकर कहा, ''पूरे भारत में नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन (NRC) पर बहस करने की कोई आवश्यकता नहीं है क्योंकि अभी इस पर कोई चर्चा नहीं हुई है. पीएम मोदी सही कह रहे हैं, इस पर अभी तक मंत्रिमंडल या संसद में कोई चर्चा नहीं हुई है.'' अमित शाह ने कहा, ''पार्टी के घोषणापत्र में एनआरसी है. जब एनआरसी आएगा तो छिपाकर नहीं आएगा. अभी एनआरसी पर काम नहीं हो रहा है.''

 

बता दें कि पीएम मोदी ने दिल्ली के रामलीला मैदान में एक रैली में कहा था कि एनआरसी को लेकर कोई बात नहीं हुई है. हालांकि विपक्षी दलों ने अपनी प्रतिक्रिया में अमित शाह के पुराने बयानों का जिक्र किया जिसमें उन्होंने एनआरसी पूरे देश में लागू करने की बात कही थी.

 

 

 

गृह मंत्री अमित शाह ने नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) को लेकर कहा, ''किसी की भी नागरिकता लेने का प्रावधान नहीं है. यह नागरिकता देने का प्रावधान है. किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है.'' उन्होंने कहा कि मुस्लिमों को विपक्ष डरा रहा है.

 

अमित शाह ने कहा कि मैंने दोनों सदन में कहा कि सीएए भारत के किसी भी नागरिक को डरने की जरूरत नहीं है. सीएए के बाद कई जगह पर हिंसा हुई लेकिन जब लोगों तक पूरी जानकारी पहुंची तो वहां हिंसा नहीं हुई.

 

उन्होंने एनपीआर को लेकर कहा कि हमने इसके लिए एक एप बनाया है. इसमें किसी को भी कोई दस्तावेज नहीं देने की जरूरत है. आधार, मतदाता पहचान पत्र का नंबर देना होगा. 

 

गृह मंत्री ने कहा, ''मैं साफ-साफ कहूं कि किसी को भी डरने की जरूरत नहीं है. खास तौर पर मुसलमान भाईयों को कहना चाहता हूं कि एनपीआर का एनआरसी से कोई संबंध नहीं है. एनपीआर डाटा का इस्तेमाल एनआरसी में नहीं किया जाएगा. एनपीआर डाटा से विकास का काम होगा. राज्य सरकार के अधिकारी ही एनपीआर का काम करेंगे.'' अमित शाह ने कहा, ''एनपीआर में किसी का नाम नहीं भी आया तो उससे उसकी नागरिकता नहीं जाएगी.''

 

आपको बता दें कि माकपा के महासचिव सीताराम येचुरी और असदुद्दीन ओवैसी ने एनपीआर और एनआरसी से जोड़ते हुए मोदी सरकार पर हमला बोला है. येचुरी ने कहा, ‘‘एनपीआर और एनआरसी एकसमान हैं. मोदी सरकार लोगों को गुमराह करने के लिये कितना झूठ बोलेगी. इस सरकार ने राज्यसभा में स्पष्ट रूप से कहा था कि एनपीआर मूल दस्तावेज होगा जिससे आधार पर एनआरसी का काम शुरु होगा.’’

 

Read 64 times Last modified on Tuesday, 24 December 2019 14:28
Rate this item
(0 votes)

11 Responses Found

Leave a comment

Make sure you enter all the required information, indicated by an asterisk (*). HTML code is not allowed.